google.com, pub-4835475085531812, DIRECT, f08c47fec0942fa0 भारत में कड़ाके की ठंड – उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक ठंड का प्रकोप

भारत में कड़ाके की ठंड – उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक ठंड का प्रकोप

 

🌨️ भारत में कड़ाके की ठंड: उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक शीतलहर का प्रकोप





भारत के कई हिस्सों में इस समय कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक शीतलहर का व्यापक असर देखा जा रहा है। तापमान में अचानक गिरावट के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

❄️ उत्तर भारत में ठंड का कहर

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया है।

  • कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है।

  • सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहता है।


🌫️ पूर्वी राज्यों में भी शीतलहर

सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के राज्यों जैसे:

  • बिहार

  • झारखंड

  • पश्चिम बंगाल

  • ओडिशा

यहाँ भी ठंड और कोहरे का असर साफ दिखाई दे रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।


🚆 परिवहन सेवाएं प्रभावित

घने कोहरे की वजह से:

  • कई ट्रेनें और फ्लाइट्स लेट हो रही हैं

  • हाईवे पर विज़िबिलिटी बहुत कम हो गई है

  • सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है

यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


🏫 स्कूल और दफ्तरों पर असर

ठंड को देखते हुए:

  • कई राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है

  • कुछ जगहों पर छुट्टियाँ भी घोषित की गई हैं

  • दफ्तर जाने वाले लोग घर से काम (Work From Home) का सहारा ले रहे हैं


⚠️ मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार:

  • अगले 2–3 दिनों तक ठंड और बढ़ सकती है

  • शीतलहर का प्रभाव जारी रहेगा

  • बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है


🔥 ठंड से बचाव के उपाय

  • गर्म कपड़े पहनें

  • सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें

  • गर्म पेय पदार्थ (चाय, सूप) का सेवन करें

  • अलाव या हीटर का सुरक्षित उपयोग करें


📝 निष्कर्ष

भारत में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। ऐसे में जरूरी है कि हम मौसम की जानकारी पर नजर रखें और सुरक्षा उपाय अपनाएँ। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।