google.com, pub-4835475085531812, DIRECT, f08c47fec0942fa0 इंटरनेट बंद, हर तरफ डर…’ ईरान से भारतीयों को लेकर पहली फ्लाइट दिल्ली पहुंची, यात्रियों की आपबीती

इंटरनेट बंद, हर तरफ डर…’ ईरान से भारतीयों को लेकर पहली फ्लाइट दिल्ली पहुंची, यात्रियों की आपबीती

 इंटरनेट बंद था, हर तरफ तनाव…’ ईरान से भारतीयों को लेकर पहली फ्लाइट दिल्ली पहुंची, यात्रियों ने सुनाई आपबीती


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली | 17 जनवरी 2026

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारतीय नागरिकों को लेकर आने वाली पहली वाणिज्यिक उड़ानें शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर सुरक्षित पहुंच गईं। जैसे ही विमान उतरा, अपनों से मिलने की खुशी यात्रियों के चेहरों पर साफ नजर आई।

यात्रियों ने ईरान में बिताए कठिन दिनों की कहानी साझा करते हुए बताया कि इंटरनेट सेवाएं बंद थीं, सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे थे और हर तरफ तनाव का माहौल बना हुआ था।


✈️ नियमित उड़ानों से लौटे भारतीय, कोई विशेष निकासी अभियान नहीं

दिल्ली पहुंची ये उड़ानें नियमित वाणिज्यिक फ्लाइट्स थीं और किसी विशेष निकासी ऑपरेशन का हिस्सा नहीं थीं। हालांकि हालात को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है और पहले ही नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दे चुकी है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, स्थिति बिगड़ने पर आपात सहायता के लिए सभी तैयारियां पूरी रखी गई हैं।


🛫 एयरस्पेस खुलते ही आवाजाही शुरू

बताया गया कि 15 जनवरी को ईरान का हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था, जिससे भारत आने-जाने वाली कई उड़ानें प्रभावित हुई थीं। अब एयरस्पेस खुलने के बाद उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।

हालांकि बढ़ते तनाव को देखते हुए कई भारतीय नागरिकों ने एहतियातन स्वदेश लौटना ही बेहतर समझा


📱 ‘इंटरनेट बंद था, परिवार से संपर्क नहीं हो पा रहा था’

दिल्ली पहुंचे यात्रियों ने बताया कि भारत सरकार और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में थे और जरूरी सलाह व मदद उपलब्ध करवा रहे थे।

ईरान से लौटी एक भारतीय एमबीबीएस छात्रा ने बताया कि उसने विरोध प्रदर्शनों की खबरें जरूर सुनी थीं, लेकिन वह सीधे किसी हिंसक घटना का शिकार नहीं हुई।

वहीं, एक अन्य भारतीय नागरिक ने कहा,

“पिछले दो हफ्तों में हालात बेहद खराब हो गए थे। सड़कों पर प्रदर्शनकारी आ जाते थे, गाड़ियों के आगे खड़े हो जाते थे। इंटरनेट बंद होने की वजह से परिवार से बात करना तक मुश्किल हो गया था।”


🔥 प्रदर्शन, झड़पें और डर का माहौल

काम के सिलसिले में ईरान गए एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ने बताया कि उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी नेटवर्क और संचार सेवाओं की कमी रही।

एक अन्य यात्री ने बताया कि कई इलाकों में

  • उग्र प्रदर्शन

  • आगजनी

  • हल्की झड़पें

देखने को मिलीं, हालांकि शासन समर्थक लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। यात्रियों के अनुसार, तेहरान में अब हालात कुछ हद तक स्थिर होते नजर आ रहे हैं


⚠️ दो हफ्तों में हजारों की मौत का दावा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर के आखिरी सप्ताह से ईरान में हालात बिगड़ने लगे थे, जब अली खामेनेई सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए।

अनुमान है कि पिछले दो हफ्तों में करीब 3,000 लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो पाई है।

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान सरकार के बीच तीखी बयानबाज़ी ने हालात को और संवेदनशील बना दिया था। हालांकि अब संकेत मिल रहे हैं कि तनाव में कुछ कमी आई है।


🇮🇳 ईरान में अब भी मौजूद हैं करीब 9,000 भारतीय

विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में फिलहाल लगभग 9,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। इनमें

  • छात्र

  • तीर्थयात्री

  • व्यापारी

  • कामकाजी पेशेवर

शामिल हैं। भारत सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता देने के लिए तैयार है।


📝 निष्कर्ष

ईरान से दिल्ली पहुंची पहली वाणिज्यिक उड़ानें उन भारतीयों के लिए राहत बनकर आई हैं, जो पिछले कई दिनों से अनिश्चितता और डर के साए में जी रहे थे। यात्रियों की आपबीती ने साफ कर दिया है कि हालात गंभीर जरूर थे, लेकिन सरकार और दूतावास की सक्रियता से भारतीय नागरिकों को समय पर मदद मिलती रही।