google.com, pub-4835475085531812, DIRECT, f08c47fec0942fa0 भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 2026: गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक समझौता संभव

भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 2026: गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक समझौता संभव

भारत–EU गणतंत्र दिवस पर संभावित ट्रेड एग्रीमेंट: यूरोपीय कमीशन चीफ का बड़ा बयान






नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) की संभावना बढ़ गई है। यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा और बताया कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए नए आर्थिक अवसर खोलेगा।

भारत–EU व्यापार समझौते का महत्व

  • यह समझौता 200 करोड़ लोगों के लिए नए बाजार खोलेगा और वैश्विक GDP के लगभग 25% हिस्से को कवर करेगा।

  • भारत और EU के बीच 2023-24 में व्यापार लगभग $137.41 बिलियन का रहा। इस समझौते के बाद इसे दोगुना होने की उम्मीद है।

  • समझौते के तहत सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे दोनों देशों के व्यवसायियों के लिए व्यापार आसान और लाभदायक होगा।

  • यह डील ट्रम्प टैरिफ और वैश्विक ट्रेड तनावों के बीच भारत और यूरोपीय संघ के लिए स्थिरता और भरोसेमंद व्यापार मार्ग तैयार करेगी।


गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि

इस वर्ष भारत के गणतंत्र दिवस समारोह (26 जनवरी 2026) में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

  • 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे में दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।


लंबा इंतजार और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • भारत और EU के बीच FTA की पहली कोशिश 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन 2013 में विभिन्न नीतिगत मतभेदों के कारण वार्ता रोक दी गई।

  • जून 2022 में नौ साल बाद फिर से बातचीत शुरू हुई, और अब 2026 की शुरुआत में इसे फाइनल रूप देने की तैयारी है।

  • इससे भारत और यूरोप के बीच टैरिफ, व्यापार नियम और सेवा क्षेत्रों में बड़े सुधार होंगे।


UK के साथ भारत का अनुभव

  • भारत ने पहले UK के साथ 24 जुलाई 2025 को FTA किया।

  • इस समझौते के तहत भारत के 99% उत्पाद UK में जीरो टैरिफ पर जाएंगे, और UK के 99% उत्पाद भारत में 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे।

  • UK FTA के जरिए भारत में कार, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते हो गए, और व्यापारिक साझेदारी 2030 तक लगभग $120 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।


यूरोपीय व्यापार समझौते का लाभ

  1. भारत के उत्पादों के लिए यूरोप में नई बाजार पहुंच।

  2. यूरोपीय निवेश में वृद्धि और स्थिरता।

  3. दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी, विशेष रूप से डिफेंस, टेक्नोलॉजी और सेवा क्षेत्रों में।

  4. वैश्विक सप्लाई चेन में भारत और EU के बीच भरोसा बढ़ेगा।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा:
"मैं भारत जा रही हूं। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक समझौते की दहलीज पर हैं। यह डील यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील देश भारत के साथ व्यापार करने का पहला बड़ा अवसर देगी।"