सोमनाथ मंदिर पहुंचे पीएम मोदी: जानिए इस पवित्र ज्योतिर्लिंग की 5 बड़ी बातें
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक स्वाभिमान का संदेश भी है।
आइए जानते हैं सोमनाथ ज्योतिर्लिंग से जुड़ी 5 सबसे बड़ी और खास बातें—
हिंदू धर्म में कुल 12 ज्योतिर्लिंग माने जाते हैं और इनमें सोमनाथ को पहला स्थान प्राप्त है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार—
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चंद्रदेव (सोम) ने भगवान शिव की तपस्या कर यहाँ लिंग की स्थापना की थी।
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शिवजी के आशीर्वाद से ही यह स्थल “सोमनाथ” कहलाया।
आज भी यह मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए मोक्ष और आत्मशांति का केंद्र माना जाता है।
2. प्रधानमंत्री मोदी का दौरा: आस्था और स्वाभिमान का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमनाथ दौरा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी रखता है।
दौरे के दौरान—
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उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
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मंदिर परिसर में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
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देश को यह संदेश दिया कि भारत अपनी संस्कृति, परंपरा और इतिहास को कभी नहीं भूल सकता।
पीएम मोदी ने सोमनाथ को “भारत की आत्मा का प्रतीक” बताया और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल कहा।
3. 1000 साल का संघर्ष और अडिग आस्था
सोमनाथ मंदिर का इतिहास सिर्फ भक्ति का नहीं, बल्कि संघर्ष और पुनर्जन्म की कहानी है।
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1026 ईस्वी में महमूद गजनवी ने इस मंदिर पर आक्रमण किया।
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इसके बाद कई बार मंदिर को तोड़ा गया, लूटा गया, जलाया गया।
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लेकिन हर बार यह मंदिर फिर खड़ा हुआ, पहले से ज्यादा भव्य रूप में।
इसीलिए सोमनाथ को कहा जाता है—
“नष्ट नहीं होता सोमनाथ, फिर-फिर उठ खड़ा होता है।”
यह मंदिर भारत की उस आत्मा का प्रतीक है जो कभी हार नहीं मानती।
4. आज़ादी के बाद पुनर्निर्माण: राष्ट्रीय गौरव की वापसी
भारत की स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण को राष्ट्रीय अस्मिता से जोड़ा गया।
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इस कार्य का बीड़ा उठाया सरदार वल्लभभाई पटेल ने।
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1951 में मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण पूरा हुआ।
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देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया।
यह सिर्फ एक मंदिर का निर्माण नहीं था, बल्कि यह था—
👉 भारत की खोई हुई सांस्कृतिक पहचान की वापसी।
5. आस्था, पर्यटन और सांस्कृतिक शक्ति का केंद्र
आज सोमनाथ मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं बल्कि—
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एक प्रमुख पर्यटन केंद्र
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आध्यात्मिक साधना स्थल
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और भारत की सांस्कृतिक ताकत का प्रतीक बन चुका है।
हर साल लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।
यहाँ होने वाले—
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आरती
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मंत्रोच्चार
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सांस्कृतिक कार्यक्रम
मनुष्य को आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
सोमनाथ मंदिर केवल पत्थरों से बना ढांचा नहीं, बल्कि यह—
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भारत की आत्मा है
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हमारी आस्था की शक्ति है
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और हमारे इतिहास का जीवंत प्रमाण है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमनाथ दौरा इस बात का संकेत है कि आज का भारत अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ रहा है।
यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि—
जो सभ्यता अपने मंदिरों, अपनी संस्कृति और अपने इतिहास को सहेजती है, वही दुनिया में सम्मान पाती है।

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