google.com, pub-4835475085531812, DIRECT, f08c47fec0942fa0 ईरान में 9000 भारतीयों की सुरक्षा खतरे में! MEA ने जारी किया तत्काल वापसी अलर्ट"

ईरान में 9000 भारतीयों की सुरक्षा खतरे में! MEA ने जारी किया तत्काल वापसी अलर्ट"

ईरान में 9000 भारतीयों की जान खतरे में! MEA ने जारी किया 'तुरंत वापसी' अलर्ट






नई दिल्ली: ईरान में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, और भारत सरकार ने वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में बताया कि ईरान में लगभग 9000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें अधिकांश छात्र हैं, जो वहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि कुछ पेशेवर और व्यापारी भी शामिल हैं।

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए नागरिकों को तुरंत भारत लौटने की सलाह दी गई है और किसी भी भारतीय को वहां यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।


ईरान में भारतीय नागरिकों के लिए खतरा क्यों बढ़ा?

ईरान में हाल के दिनों में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक प्रदर्शन तेज़ी से बढ़ रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं, जिससे विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षा जोखिम पैदा हो गया है।

MEA ने बताया कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दूतावास के माध्यम से वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से संपर्क में है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द भारत लौटने का प्रबंध करें और किसी भी तरह की गैर-जरूरी गतिविधियों या यात्रा से बचें।


चाबहार पोर्ट पर अमेरिका की छूट और भारत की रणनीति

MEA ने चाबहार पोर्ट को लेकर भी अपडेट दी। अमेरिका ने भारत को अप्रैल 2026 तक इस पोर्ट प्रोजेक्ट के लिए विशेष छूट प्रदान की है।

चाबहार पोर्ट भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत को ईरान और अफ़ग़ानिस्तान तक सीधे व्यापार और कनेक्टिविटी मार्ग प्रदान करता है। भारत ने इस पोर्ट के विकास में काफी निवेश किया है और इसका उद्देश्य मध्य एशिया और अफ़ग़ानिस्तान के साथ व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना है।

इस छूट से भारत को न केवल व्यापारिक अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी भारत के हित सुरक्षित रहेंगे।


भारत-जापान रणनीतिक वार्ता

MEA ने भारत और जापान के बीच हाल ही में हुई रणनीतिक बैठक की जानकारी दी। इस बैठक में एआई (Artificial Intelligence) और रक्षा सहयोग पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने मिलकर तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया।

विशेष रूप से, एआई क्षेत्र में दोनों देशों ने डेटा सुरक्षा, नई तकनीकों का विकास और रक्षा उपकरण निर्माण में सहयोग पर सहमति बनाई। यह कदम भारत के लिए तकनीकी और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।


सलमान खान की फिल्म और म्यांमार चुनाव पर MEA की प्रतिक्रिया

MEA ने सलमान खान की नई फिल्म को लेकर उठ रहे विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने कहा कि भारत में फिल्म उद्योग स्वतंत्र है और सरकार का काम सिर्फ सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

साथ ही, म्यांमार में हाल ही में हुए चुनावों पर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया दी। भारत ने समावेशी और निष्पक्ष चुनाव की मांग की है और सभी पक्षों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करने को कहा है।


ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास में भारत का निर्णय

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास में भारत ने भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है। MEA ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह रणनीतिक और सुरक्षा कारणों से लिया गया है। भारत की प्राथमिकता हमेशा अपनी नागरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति रही है।


भारतीय नागरिकों को क्या करना चाहिए?

विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए कुछ अहम सलाहें दी हैं:

  1. तुरंत भारत लौटने का प्रबंध करें।

  2. किसी भी गैर-जरूरी यात्रा से बचें।

  3. भारतीय दूतावास या हेल्पलाइन से लगातार संपर्क में रहें।

  4. हिंसक स्थिति में खुद को सुरक्षित जगह पर रखें।

  5. परिवार को अपनी स्थिति से लगातार अपडेट रखें।

MEA ने कहा कि सरकार ईरान में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।


ईरान में भारतीयों की संख्या और स्थिति

  • कुल भारतीय नागरिक: लगभग 9000

  • अधिकांश छात्र हैं

  • पेशेवर और व्यापारी: बड़े शहरों में

  • सुरक्षा हालात: लगातार बिगड़ रहे हैं

  • सरकार की प्राथमिकता: सुरक्षा और सुरक्षित वापसी


MEA का संदेश और सरकार की तैयारी

विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि भारत सरकार हमेशा अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

सरकार ने ईरान में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए:

  • दूतावास में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की है

  • एयरपोर्ट और वीज़ा प्रक्रियाओं को आसान बनाया है

  • नागरिकों से संपर्क में रहने के लिए हेल्पलाइन चालू की है

  • FAQs 

    Q1: भारत ने ईरान के लिए अलर्ट क्यों जारी किया?
    A: वहां बढ़ती हिंसा और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण।

    Q2: ईरान में कितने भारतीय हैं?
    A: लगभग 9000 नागरिक, ज्यादातर छात्र और पेशेवर।

    Q3: क्या अब ईरान की यात्रा की जा सकती है?
    A: नहीं, सरकार ने पूरी तरह से यात्रा रोकने की सलाह दी है।

    Q4: चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट का क्या हाल है?
    A: अमेरिका ने भारत को अप्रैल 2026 तक विशेष छूट दी है।

    Q5: क्या भारत ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेगा?
    A: नहीं, भारत ने इसमें शामिल नहीं होने की पुष्टि की है।

    Q6: भारतीय नागरिकों को ईरान में रहते हुए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
    A: सुरक्षित जगह पर रहें, दूतावास से संपर्क में रहें और जल्द लौटने का प्रबंध करें।