google.com, pub-4835475085531812, DIRECT, f08c47fec0942fa0 मादुरो गिरफ्तार: वेनेज़ुएला के पूर्व राष्ट्रपति को अमेरिका की कोर्ट में पेश किया गया — ताज़ा और विस्तृत अपडेट

मादुरो गिरफ्तार: वेनेज़ुएला के पूर्व राष्ट्रपति को अमेरिका की कोर्ट में पेश किया गया — ताज़ा और विस्तृत अपडेट

मादुरो गिरफ्तार: वेनेज़ुएला के पूर्व राष्ट्रपति को अमेरिका की कोर्ट में पेश किया गया



काराकास/न्यूयॉर्क, 6 जनवरी 2026 — वेनेज़ुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को संयुक्त राज्य अमेरिका की एक विशेष सैन्य कार्रवाई के तहत गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में पेश किया गया है, जहाँ उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए “नॉट गिल्टी” (not guilty) की याचिका दायर की है और खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वे अभी भी वेनेज़ुएला के वैध राष्ट्रपति हैं। इस अप्रत्याशित और ऐतिहासिक गिरफ्तारी से वैश्विक राजनीति में तहलका मच गया है, दुनिया भर में सरकारें, राजनीतिक समूह और आम जनता इस विवादास्पद घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

कैसे हुई गिरफ्तारी? — अमेरिका का ऑपरेशन

3 जनवरी 2026 को विश्व को हैरान करते हुए अमेरिका ने “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नामक एक विशेष अभियान के तहत वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में मादुरो के आवास पर अचानक हमला किया। अमेरिकी डेल्टा फोर्सेज और CIA के संयुक्त अभियान में मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया, और बाद में उन्हें एक सैन्य विमान द्वारा न्यूयॉर्क ले जाया गया। इस पूरे ऑपरेशन में भारी सुरक्षा व्यवस्था, विमान और महीनों की खुफिया योजना शामिल थी। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई ड्रग तस्करी और नार्को‑टेररिज़्म के खिलाफ कानूनी उपाय थी। आरोपपत्र में कहा गया है कि मादुरो और उनके सहयोगियों ने हजारों टन कोकीन को अमेरिका में भेजने में गुवेरिल्ला समूहों और ड्रग सिंडिकेट्स के साथ मिलीभगत की थी।

न्यूयॉर्क कोर्ट में पेशी — मादुरो का रुख

5 जनवरी 2026 को मादुरो और सीलिया फ्लोरेस को मैनहट्टन की संघीय अदालत में पेश किया गया। कोर्ट में मादुरो ने जोर देकर कहा कि वह अपहृत किए गए हैं और वे “अभी भी वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति” हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी ड्रग भुगतान, हथियार रखने और आतंकवाद से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि वे निर्दोष हैं मादुरो की वकील टीम का कहना है कि किसी राष्ट्रीय नेता को एक संप्रभु देश के राष्ट्रपति होने के नाते मुकदमे के दायरे में नहीं लाया जा सकता, और वे इस गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देंगे। अमेरिका इस दावे को मानने को तैयार नहीं है क्योंकि वह मादुरो को वैध राष्ट्रपति के रूप में नहीं मानता। अगली अदालत सुनवाई 17 मार्च 2026 के लिए निर्धारित की गई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और विवाद

मादुरो की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आपात बैठक हुई, जहाँ अमेरिका पर एक राष्ट्राध्यक्ष का अपहरण और संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। वेनेज़ुएला के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन किया है और इसका वास्तविक उद्देश्य वहाँ के तेल संसाधनों को हासिल करना है।रूस, चीन और कई अन्य देशों ने इस कार्रवाई की निंदा की और कहा कि इससे वैश्विक तनाव बढ़ सकता है। वहीं कुछ पश्चिमी देशों ने कहा कि मादुरो के खिलाफ लंबे समय से मानवाधिकार उल्लंघन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं, इसलिए कार्रवाई की आवश्यकता थी।

वैश्विक राजनीतिक परिणाम

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद काराकास में राजनीतिक स्थिति पूरी तरह बदल गई है। उनके हटाए जाने के बाद डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई है, और अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह वेनेज़ुएला के मामलों में स्थिरता लाने का प्रयास करेगा। राजनीतिज्ञों और विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमले के बजाय एक रणनीतिक राजनीतिक कदम है, जिससे अमेरिका अपने समर्थक ढांचे को मजबूत कर सकता है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह रणनीति सफल होती है, तो अमेरिका वैश्विक स्तर पर अपने प्रभाव और नियंत्रण को बढ़ा सकता है, खासकर अमेरिका‑लैटिन अमेरिका संबंधों में।

वेनेज़ुएला के अंदर स्थिति

वेनेज़ुएला के आम नागरिक और स्थानीय राजनीति पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। देश में इंटरनेट और मीडिया पर कड़ी नियंत्रण, बाजार में अस्थिरता और सुरक्षा बलों की भारी उपस्थिति ने आम जीवन को प्रभावित किया है। राजधानी के कई हिस्सों में लोग डर और अनिश्चितता के कारण घरों में कैद हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस और सैन्य बलों ने पत्रकारों के उपकरण जब्त किए और रिपोर्ट्स पर प्रतिबंध लगाए, जिससे प्रेस की स्वतंत्रता पर चिंता बढ़ी है।

वैश्विक आर्थिक और तेल बाजार पर असर

वेनेज़ुएला दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में से एक है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार ने सतर्क रुख अपनाया है क्योंकि वेनेज़ुएला की तेल नीति और उत्पादन क्षमता पर अनिश्चितता पैदा हो गई है, जिसका असर तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। स्विट्ज़रलैंड ने भी मादुरो और उनके सहयोगियों के संबंधित संपत्तियों को फ्रीज़ कर दिया है, ताकि संभावित अवैध संपत्ति को रोकने का प्रयास किया जा सके।

क्या आगे क्या होगा?

मादुरो के खिलाफ आरोपों में नारको‑टेररिज़्म, कोकीन तस्करी, हथियारों की अवैध डीलिंग जैसी गंभीर धाराएँ शामिल हैं, और अगर अदालत इन आरोपों में दोषी पाता है, तो उन्हें जीवन कैद तक की सजा हो सकती है। उनकी वकील टीम संप्रभुता और कानूनी अपील के माध्यम से न्यायालय में चुनौती देगी। इस केस की अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 को निर्धारित है और संभव है कि यह वैश्विक राजनीति के इतिहास में एक बड़ी मिसाल के रूप में दर्ज हो।

निष्कर्ष

निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी दुनिया की राजनीति में एक अलग ही मोड़ लेकर आई है — जहाँ एक तरफ अमेरिका इसे कानूनी कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ कई देशों और संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया जा रहा है। इसके साथ ही यह मामला ड्रग तस्करी से जुड़े अपराध, तेल संसाधन राजनीति और वैश्विक शक्ति संघर्ष तक पहुंच चुका है, जो आने वाले हफ्तों और महीनों में और भी गहरा प्रभाव पैदा करेगा।