Republic Day 2026: क्यों भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को माना जा रहा है गेम-चेंजर?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और यूरोपीय संघ (EU) की सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। 8 अक्टूबर 1958 को बेल्जियम के ब्रसेल्स में जन्मीं उर्सुला का संबंध एक राजनीतिक परिवार से है; उनके पिता अर्न्स्ट आल्ब्रेक्ट जर्मनी के लोअर सैक्सनी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र और बाद में मेडिसिन की पढ़ाई की और राजनीति में आने से पहले डॉक्टर के रूप में भी काम किया। जर्मनी की क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) से राजनीति में कदम रखने के बाद वे परिवार मंत्री, श्रम मंत्री और जर्मनी की पहली महिला रक्षा मंत्री बनीं, जहां उनके सख्त फैसलों के कारण उन्हें ‘आयरन लेडी’ कहा गया। वर्ष 2019 में वे यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष बनीं और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ की नीतियों का नेतृत्व संभाला। गणतंत्र दिवस 2026 पर भारत की मुख्य अतिथि के रूप में उनकी मौजूदगी भारत-EU संबंधों, विशेषकर संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
भारत-EU रिश्तों में नया युग
भारत-EU संबंधों, विशेषकर संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), को नई दिशा देने वाली यह पहल इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समझौते से दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक शुल्क में कमी, निवेश के नए अवसर, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी में सहयोग, तथा डिफेंस और सप्लाई चेन को मजबूत करने का रास्ता खुलेगा। FTA के लागू होने से भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में आसान पहुंच मिलेगी, वहीं यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में निवेश और कारोबार करना सरल होगा। इसके साथ ही यह समझौता वैश्विक स्तर पर चीन और अमेरिका के प्रभाव के बीच भारत-EU रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर सकता है और भारत की अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिति को और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Social Plugin