मर्सिडीज‑BMW जैसी कारें भारत में सस्ती हो सकती हैं: यूरोप से आयात पर टैरिफ 40% तक घट सकता है
सूत्रों के मुताबिक, 15,000 यूरो (लगभग 16.3 लाख रुपए) से अधिक मूल्य वाली कारों पर तुरंत टैक्स कम करने का निर्णय लिया जा सकता है।
फॉक्सवैगन, मर्सिडीज‑बेंज और BMW की कीमतें घट सकती हैं
FTA लागू होने पर भारत सालाना लगभग 2 लाख डीज़ल-पेट्रोल कारों पर ड्यूटी 40% तक कम करेगा। फिलहाल, विदेशी कारों पर भारत में 70% से 110% तक ड्यूटी लगती है। धीरे‑धीरे यह 10% तक भी घट सकती है, जिससे यूरोपीय ब्रांड्स भारतीय बाजार में अधिक किफायती हो सकते हैं।
हालांकि, EU निर्माता भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में केवल 4% से कम हिस्सा रखते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) को पहले पांच साल तक इस कटौती से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को सुरक्षा मिल सके।
यूरोपीय कमीशन ने FTA को 'मदर ऑफ ऑल डील' बताया
20 जनवरी को यूरोपीय कमीशन की चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और EU के बीच यह समझौता ऐतिहासिक होगा। यह 200 करोड़ लोगों के लिए नया बाजार खोलेगा और वैश्विक GDP के लगभग 25% हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा।
उर्सुला 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगी और 27 जनवरी को होने वाले भारत‑EU समिट में इस समझौते की घोषणा की जा सकती है। उन्होंने कहा:
“हम ऐतिहासिक समझौते की दहलीज पर हैं। यह डील यूरोप को भारत के तेजी से बढ़ते बाजार में पहला बड़ा मौका देगी।”
समझौते से मिलने वाले फायदे
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भारत और EU के बीच व्यापार बढ़ेगा।
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2023‑24 में भारत‑EU ट्रेड $137.41 बिलियन रहा, FTA के बाद इसे दोगुना होने की संभावना है।
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टैरिफ कम होने से व्यापार आसान होगा।
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दोनों पक्ष रक्षा समझौते और 2026‑2030 के लिए रणनीतिक योजना भी साझा करेंगे।
वैश्विक परिदृश्य में महत्वपूर्ण डील
यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका की नई टैरिफ नीतियों और व्यापार प्रतिबंधों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ट्रम्प की टैरिफ वॉर से भारत और EU के सभी 27 देश प्रभावित हुए। ऐसे में आपसी व्यापार को मजबूत करना दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
19 साल का लंबा इंतजार खत्म
भारत और EU के बीच FTA की पहली कोशिश 2007 में हुई थी। हालांकि, नियमों और मतभेदों के कारण वार्ता 2013 में बंद हो गई। जून 2022 में बातचीत फिर शुरू हुई और अब 2026 में डील फाइनल होने के करीब है।
UK के साथ FTA का अनुभव
24 जुलाई 2025 को भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ था। इसके तहत:
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भारत से UK निर्यात होने वाले 99% सामान पर जीरो टैरिफ।
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UK से भारत आने वाले 99% सामान पर 3% एवरेज टैरिफ।
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अनुमान है कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 120 बिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है।
💡 निष्कर्ष:
FTA लागू होने के बाद यूरोपियन कार ब्रांड्स जैसे मर्सिडीज, BMW और फॉक्सवैगन भारत में सस्ते हो सकते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन फिलहाल सुरक्षा में रहेंगे, लेकिन भविष्य में उन पर भी टैरिफ कट लागू हो सकता है। यह समझौता भारत‑EU व्यापार को नई गति देगा और दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।

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