google.com, pub-4835475085531812, DIRECT, f08c47fec0942fa0 मौनी अमावस्या के बाद बढ़ा विवाद, प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य की तबीयत खराब

मौनी अमावस्या के बाद बढ़ा विवाद, प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य की तबीयत खराब

 प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ी, 6 दिन से धरना जारी


प्रयागराज माघ मेला 2026
से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मौनी अमावस्या के दिन से धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। वह बीते 6 दिनों से लगातार धरने पर हैं और अब उन्हें बुखार की शिकायत हो गई है, जिसके चलते उनकी गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं।

मौनी अमावस्या से जारी है धरना

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रशासन के रवैये से नाराज़ हो गए थे। आरोप है कि संगम स्नान के लिए पालकी में ले जाते समय उन्हें रोक दिया गया और उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की गई। इसी घटना के विरोध में उन्होंने धरना शुरू कर दिया, जो अब तक जारी है।

बिगड़ी तबीयत, बुखार से पीड़ित शंकराचार्य

धरने के दौरान शंकराचार्य की तबीयत बिगड़ गई है। सूत्रों के अनुसार उन्हें तेज बुखार है। स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण वह दिन में केवल दो बार ही पालकी में बाहर आए हैं। फिलहाल वह अपने वैन में आराम कर रहे हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

वसंत पंचमी स्नान का किया बहिष्कार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक प्रशासन अपनी गलती स्वीकार कर माफी नहीं मांगता, तब तक वे वसंत पंचमी के दिन संगम स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सवा लाख शिवलिंगों की स्थापना की योजना अधूरी रह गई है, जिसका उन्हें गहरा दुख है।

सवा लाख शिवलिंग स्थापना पर संकट

जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के लक्षेश्वर धाम में सवा लाख शिवलिंगों की स्थापना प्रस्तावित थी। इससे पहले इन शिवलिंगों को प्रयागराज लाकर श्रद्धालुओं के दर्शन और विधिवत पूजन की योजना थी।
वर्तमान स्थिति यह है कि शंकराचार्य धरने पर हैं, जबकि शिविर के भीतर रखे शिवलिंग अभी तक साधना और पूजन की प्रतीक्षा में हैं।

बताया जा रहा है कि सवा लाख शिवलिंगों में से केवल कुछ ही प्रयागराज पहुंच पाए हैं, जबकि शेष शिवलिंग कार्टूनों में पैक होकर रखे हुए हैं। एक और खेप आने वाली थी, जो अब तक नहीं पहुंच सकी है।

श्रद्धालुओं में नाराज़गी

शिवलिंगों की इस स्थिति को देखकर कई श्रद्धालु अपनी नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं। भक्तों का कहना है कि इतनी बड़ी धार्मिक योजना अधूरी रहना आस्था को ठेस पहुंचाता है। शिविर के बाहर लगातार लोगों की भीड़ जुट रही है।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की अपील

विवाद को शांत करने के लिए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हस्तक्षेप किया है। उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

संत समाज ने की शांति की अपील

इस पूरे मामले पर संत समाज की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। नासिक में संत महंत रामस्नेही दास और महंत बैजनाथ ने कहा कि ऐसे संवेदनशील धार्मिक मामलों का समाधान टकराव से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और संवाद से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने सभी से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की।

निष्कर्ष

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना और उनकी बिगड़ती तबीयत प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और संत समाज के बीच बातचीत से यह विवाद कब और कैसे सुलझता है।